सुबह उठते ही गटक जाते हैं एक-एक लीटर पानी? क्या वाकई ऐसा करना होता है फायदेमंद, आयुर्वेदाचार्य ने दिया जवाब

Drinking Too Much Water In Morning Good Or Bad: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह-सुबह उठते ही एक लीटर पानी गटक जाते हैं ये सोचकर कि इससे बॉडी डिटॉक्स हो जाएगी और वजन भी कम हो जाएगा? सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ये ट्रेंड खूब वायरल हुआ है, लेकिन क्या वाकई इसका कोई फायदा होता है? या फिर ये आदत आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है? आयुर्वेदाचार्य और हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. चैताली राठौर का कहना है कि सुबह पानी पीना तो जरूरी है, लेकिन मात्रा और तरीका अगर सही ना हो, तो इसका उल्टा असर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं इसका सही तरीका और फायदे।
क्या है ‘उषःपान’ और इसका सही समय
आयुर्वेद में सुबह पानी पीने की परंपरा को ‘उषःपान’ कहा जाता है। ‘उषः’ मतलब होता है सुबह का समय यानी सूरज निकलने से पहले और ‘पान’ का मतलब है पीना। डॉ. चैताली राठौर के अनुसार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में यानी करीब 4 से 5:30 बजे के बीच गुनगुना या उबला हुआ पानी पीना शरीर के लिए अमृत समान होता है।
ज्यादा पानी पीना बन सकता है सेहत के लिए गलती
सुबह उठते ही 3-4 गिलास या पूरा 1 लीटर पानी पी लेना बहुत लोग सही मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद इसे एक बड़ी गलती बताता है। डॉ. राठौर कहती हैं कि इससे पेट पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और पाचन अग्नि कमजोर हो सकती है। शरीर को एकदम से इतना पानी देना कई बार सूजन, जलभराव और अपच जैसी समस्याएं भी ला सकता है।
कितनी मात्रा में पीना चाहिए पानी?
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 1 या 1.5 गिलास गुनगुना पानी पीना ही शरीर के लिए सही माना गया है। इससे ना केवल शरीर धीरे-धीरे एक्टिव होता है, बल्कि मेटाबोलिज़्म भी सुधरता है। ठंडा या फ्रिज का पानी बिल्कुल भी न पिएं क्योंकि यह पाचन पर असर डाल सकता है।
रोज उषःपान से मिलते हैं ये फायदे
डॉ. चैताली बताती हैं कि अगर रोज़ सुबह सही तरीके से पानी पिया जाए तो इससे कब्ज, बवासीर, पेट की सूजन, मोटापा, त्वचा रोग, यूरिन से जुड़ी समस्याएं, आंखों के रोग और सिर दर्द जैसी कई बीमारियों में फायदा होता है। ये एक बेहद आसान और असरदार आदत है जो हर किसी को अपनानी चाहिए।
कैसे बनाएं इसे अपनी डेली रूटीन का हिस्सा
सुबह उठकर सबसे पहले मुंह धोएं और फिर 1-1.5 गिलास हल्का गर्म पानी धीरे-धीरे पिएं। इसके बाद थोड़ी देर टहलें या शांत बैठें। जल्दबाजी में पानी न पीएं और न ही पेट को फुल करें। यह आदत धीरे-धीरे आपके शरीर और दिमाग को संतुलित करेगी।
आयुर्वेदाचार्य की क्या है सलाह
सुबह पानी पीना जरूरी है लेकिन सोच समझकर। अगर आप एकदम से बहुत ज्यादा पानी पिएंगे तो नुकसान हो सकता है। डॉ. चैताली राठौर की सलाह माने तो कम मात्रा में, सही समय पर और सही तापमान पर पानी पीना ही असली हेल्थ सीक्रेट है।
सुबह-सुबह एक लीटर पानी गटकने की बजाय अगर आप सिर्फ 1-1.5 गिलास गर्म पानी पीते हैं, तो ये आपकी सेहत को फायदा ही देगा। आयुर्वेद में सदियों से मानी गई ‘उषःपान’ की ये आदत आज के समय में और भी जरूरी हो गई है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



