छतई बना “हर घर जल” ग्राम : जल जीवन मिशन से बदली तस्वीर
“कार्यपालन यंत्री अमित शाह जी की रणनीति से बदली गाँव की तस्वीर, अब हर घर में नल से स्वच्छ पानी महिलाओं की सिर पर घड़ा ढोने की मजबूरी खत्म, बच्चों की सेहत में सुधार”

अनूपपुर।जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम छतई (जनसंख्या 1036, जिनमें 285 जनजातीय समुदाय से) कुछ साल पहले तक पेयजल संकट से जूझ रहा था। गर्मियों में कुएँ सूख जाते थे, हैंडपंप जवाब दे देते थे और महिलाएँ सिर पर घड़ा रखकर 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थीं। गंदे पानी से बच्चे अक्सर पेट की बीमारियों की चपेट में रहते थे।
लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना से छतई गाँव को 66.45 लाख की लागत से जोड़ा गया है। गाँव के 213 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन मिल चुके हैं। 50,000 लीटर क्षमता की ऊँचाई पर टंकी, 20,000 लीटर का संपवेल तथा 4400 मीटर डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन से अब हर घर तक साफ पानी पहुँच रहा है।
सतत जल आपूर्ति के लिए स्थानीय व्यवस्था
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायत को फील्ड टेस्ट किट (FTK) उपलब्ध कराई है। पाँच महिलाओं को जल परीक्षण का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके अलावा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) का गठन किया गया है जिसमें 50% महिलाओं की भागीदारी है। समिति योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही है।
कार्यपालन यंत्री, पीएचई विभाग अनुपपुर श्री अमित शाह ने बताया कि इस योजना में आधुनिक पाइपलाइन तकनीक और ऊर्जा-कुशल पंपिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है ताकि लंबे समय तक सतत जल आपूर्ति बनी रहे।
परिवर्तन की नई कहानी
• अब हर घर में नल से स्वच्छ जल उपलब्ध है।
• महिलाएँ व लड़कियाँ पानी ढोने की बजाय पढ़ाई व रोज़गार पर ध्यान दे पा रही हैं।
• डायरिया व टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों में कमी आई है।
• पंचायत द्वारा जल शुल्क व रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
ग्राम – छतई में योजना को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु सहायक यंत्री दीपक साहू और विकासखण्ड समन्वयक गोकुल प्रजापति लगातार निगरानी कर रहे हैं।
जिला प्रशासन का मार्गदर्शन
जिला कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष श्री हर्षल पांचोली तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वाशिष्ट शर्मा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में जल जीवन मिशन की योजनाएँ तेज़ी से लागू की जा रही हैं।
ग्रामीणों की जुबान
• “गर्मी के दिनों में हैंडपंप का पानी सूख जाता था, लेकिन अब नल-जल योजना से पेयजल की समस्या खत्म हो गई है।” — सरपंच कु. चंदा पनिका
• “अब हर घर में नल से पानी मिल रहा है, लोग बहुत खुश हैं।” — पंप ऑपरेटर
• “पहले पानी लाने में समय बर्बाद होता था और स्कूल देर से पहुँचती थी, अब घर पर ही पानी मिलने से पढ़ाई आसान हो गई है।” — अंजू देवी (ग्रामीण)



