अनूपपुर नगर पालिका की लापरवाही से शासकीय जमीन पर दलालों का कब्जा — सरकारी भूमि की रजिस्ट्री तक हो गई, अधिकारी बने तमाशबीन

अनूपपुर, आदर्श मिश्रा।
अनूपपुर नगर पालिका की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। नगर पालिका को आवंटित शासकीय जमीन पर न केवल कब्जा हुआ, बल्कि उसी जमीन की रजिस्ट्री तक दलालों ने करवा ली — और नगर पालिका प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।
वार्ड नंबर 2 स्थित पटोरा टोला के खसरा नंबर 295 की यह भूमि नगर पालिका की संपत्ति के रूप में दर्ज है, लेकिन कुछ भूमाफियाओं ने इस पर कब्जा कर उसे बेच डाला। यही नहीं, 3 अक्टूबर 2025 को इस जमीन की बाकायदा रजिस्ट्री तक संपन्न हो गई, और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी अब तक “कुंभकरणीय नींद” में सोए हुए हैं।
वार्ड नंबर 2 के पार्षद संजय चौधरी ने इस मामले की शिकायत नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार को दी थी, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद का कहना है कि नगर पालिका की मिलीभगत के बिना सरकारी भूमि की रजिस्ट्री संभव ही नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, वार्ड के ही एक पूर्व पार्षद ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जमीन को बेचने का खेल खेला, जबकि नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी चुपचाप तमाशा देखते रहे।
यह पूरा मामला नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े करता है — आखिर नगर पालिका के रिकार्ड, नक्से और फाइलों के बावजूद शासकीय भूमि कैसे बिक गई? जनता अब प्रशासन से पूछ रही है कि क्या नगर पालिका खुद इस भूमाफिया खेल में शामिल है या फिर उसकी लापरवाही ही इस गड़बड़ी की सबसे बड़ी वजह है।



