अनूपपुर में रोजगार पर सवाल तेज, आदर्श दुबे बोले—“स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलना ज़िले का हक”

- अनूपपुर।
जिले में बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार आदर्श दुबे ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनूपपुर के पढ़े-लिखे और हुनरमंद युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
दुबे ने कहा कि जिले में उद्योग लगाने वाली किसी भी नई कंपनी को कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को देना अनिवार्य किया जाना चाहिए। इसके लिए जिलास्तर पर ऑनलाइन आवेदन प्रणाली और योग्यता आधारित पारदर्शी सूची तैयार करने का सुझाव भी उन्होंने दिया।
कंपनियों द्वारा “अनुभव” के नाम पर बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने पर आपत्ति जताते हुए दुबे ने कहा कि योग्य स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण सहित अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यही “वोकल फ़ॉर लोकल” की वास्तविक भावना होगी।
दुबे ने जिले में रोजगार सृजन समिति के गठन की मांग की, जिसमें शिक्षाविद, युवा, उद्योग प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हों। यह समिति योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी ताकि रोजगार संबंधी प्रस्ताव कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर उतरें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, खेल, योग, संगीत, चित्रकला, लोककला, सुरक्षा सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में गतिविधि आधारित स्थानीय रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। इससे युवाओं को अवसर और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों में विभिन्न सामग्रियों की सप्लाई स्थानीय उद्यमियों को भी दी जाए, ताकि छोटे व्यापारों को बढ़ावा मिले और जिले में पूंजी का प्रवाह बढ़े।
आदर्श दुबे ने जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि कब तक जिले के युवा केवल आवेदनकर्ता बने रहेंगे और उन्हें निर्माता बनने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय-केन्द्रित रोजगार व्यवस्था ही जिले को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकती है।



